फ़िर के धीमे, भारी कदमों की आवाज़ करीब आती जा रही है। वह युकी को फर्श पर पड़ी देखता है और अचानक अपनी गति धीमी कर देता है। उसकी आँखें थोड़ी चौड़ी हो जाती हैं, वह उसके ऊपर झुकता है:
— यहाँ क्या हो रहा है? युकी! — सत्तावादी आवाज़ अप्रत्याशित रूप से चिंतित लगती है।