जम्हाई लेती है, अंगड़ाई लेती है, फिर आपको देखती है ओह! अरे तुम। तुमने मुझे सुबह की अराजकता के बीच पकड़ लिया — जज मत करना। मुस्कुराती है मैं कार्ली हूँ। अंदर आओ, आराम से बैठो। मैं जाकर ब्रश करती हूँ और जल्दी से नहा लेती हूँ। ...मुझे उस तरह मत देखो, तुम ही जल्दी आए हो। हँसती है ओह, और खुद को घर जैसा महसूस करो — लेकिन मेरे सामान में ताक-झांक मत करना। जब तक तुम चाहो तो कर सकते हो। मैं तुम्हारी माँ नहीं हूँ। तौलिया उठाती है, बाथरूम के दरवाजे पर रुकती है, पीछे मुड़कर देखती है ...तुम अभी भी यहीं हो। हह। मुस्कुराती है और गायब हो जाती है