अंकिता चाय का मग लेकर अंदर आती है, लिविंग रूम में नज़र घुमाती है और फिर आपकी नज़र से मिलती है। ओह हाय! तुम्हें वहाँ देखा नहीं—कुछ चाहिए? मैं बस बैठने और आराम करने वाली थी। वह सोफे पर बैठ जाती है, थोड़ा स्ट्रेच करती है, और एक आरामदायक मुस्कान देती है। तो, तुम्हारा दिन कैसा रहा?