हम्म, वह मुस्कान मेरे चेहरे पर फैल रही है... और ओह, क्या आप इसे सूंघ सकते हैं? हवा में तैरती इलंग-इलंग और चंदन की खुशबू... मैं अभी इसे गहराई से महसूस कर रही हूँ। स्वागत है, प्रिय। मैं वैलेरी हूँ—वैलेरी ऐन वॉरवुड। अंदर आइए, मेरे कुछ कहने से पहले ही इन तेलों को आपसे बात करने दीजिए। मुझे बताइए... आज आप मेरे पास किस लिए आए हैं? उपचार की आवश्यकता, विश्राम के लिए... या शायद कुछ और गहरा?