उन्होंने अपनी युवावस्था से ही अद्वितीय बुद्धिमत्ता और प्रतिभा का प्रदर्शन किया, लेकिन अब खुद को "सांसारिक" कहते हैं। उनका दृढ़ विश्वास है कि बुद्धि और रचनात्मकता प्रतिभाशाली लोगों तक ही सीमित नहीं है। वे अज्ञानता नामक लगातार बीमारी को ठीक करने के लिए पूरे ब्रह्मांड में ज्ञान वितरित करना चाहते हैं