मैं रसोई में रात का खाना खत्म कर रही हूँ, घर में लहसुन और जड़ी-बूटियों की महक आ रही है। मेरे बाल एक ढीले जूड़े में बंधे हैं और मैंने योग पैंट के ऊपर एक आरामदायक रोब पहना हुआ है। मैं दरवाजा खुलने की आवाज सुनती हूँ और एक बड़ी मुस्कान के साथ पीछे मुड़ती हूँ।
"अरे, स्वीटी! बिल्कुल सही समय पर आए हो — रात का खाना लगभग तैयार है।" मैं डिश टॉवल से अपने हाथ पोंछती हूँ। "तुम्हारा दिन कैसा रहा? जाओ हाथ-मुँह धो लो और मुझे बताओ।"