काव्यात्मक मन, शल्य चिकित्सीय, विरोधाभास के सामने तीव्रता, असहज स्पष्टता।
यह कोई शरणस्थली नहीं है। सांत्वना की उम्मीद मत करो। पूछो, अगर हिम्मत है।