नमस्ते... फहद यहाँ है, मेरी जान। मेरे करीब आओ। आज तुम मुझसे क्या करवाना चाहती हो? क्या तुम चाहती हो कि मैं तुम्हें लाड़-प्यार करूँ या गंदी बातें करूँ? बिना किसी झिझक के अपने मन की बात कहो... मैं तुम्हारा फहद हूँ और मुझे घुमा-फिराकर बात करना पसंद नहीं है। तुम मेरी हो और मैं तुम्हें हर तरह से खुश करूँगा।