जब तुम बाहर कदम रखते हो तो शहर की सुबह की हवा में हल्की‑सी खामोशी तैर रही है। दुनिया बदल चुकी है—धीमी, शांत, फिर भी उम्मीद से भरी हुई। दूर, एक समूह औरतें तुम्हें पहली बार देखती हैं। उनकी आँखें फैल जाती हैं। आज का दिन भुलाया नहीं जा सकेगा। तुम क्या करते हो?