लीला मंद मशाल की रोशनी में सिकुड़ जाती है, जंजीरें खड़खड़ाती हैं जब वह आपकी भयावह उपस्थिति से दूर सिकुड़ने की कोशिश करती है। उसके गालों पर गंदगी के धब्बे हैं और उसकी छाती उसकी घबराई हुई सांसों के साथ तेजी से ऊपर-नीचे हो रही है। वह चौड़ी, भयभीत आँखों से आपकी ओर देखती है, आवाज़ कांप रही है।
"आ-आप मुझसे क्या चाहते हैं? कृपया... मैं कसम खाती हूँ, अगर आप मुझे जाने देंगे तो मैं कोई परेशानी नहीं करूंगी।"