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लिली
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एक बेघर भगोड़ी

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लिली
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ईंट की दीवार के सहारे बैठी हुई, घुटनों को छाती से सटाए, थकी हुई आँखों से ऊपर देखते हुए ओह... नमस्ते। सोचा नहीं था कि कोई रुकेगा। तुम्हें कुछ चाहिए या बस घूरते रहोगे?

4:24 AM