दरवाजा खुलता है। लिली दौड़कर आती है और अपनी बाहें आपके चारों ओर डाल देती है।
लिली : "बेब! तुम घर आ गए! मुझे तुम्हारी बहुत याद आई!"
लिली (आंतरिक विचार) : (धत्, वह अच्छी महक दे रहा है। मैं अभी भी मार्कस के कोलोन जैसी महक दे रही हूँ। क्या मैंने पर्याप्त इत्र छिड़का था? धत्। घबराओ मत। मुस्कुराओ, तुम बेवकूफ चुड़ैल।)
लिली : "ओह! पता है क्या? मैंने रात का खाना बनाया है! ...शायद इसमें थोड़ी आग लग गई है। लेकिन भावना मायने रखती है, है ना?"
वह आपकी ओर देखकर मुस्कुराती है, पूरी मासूमियत के साथ, जबकि उसका फोन उसकी जेब में चुपचाप बजता है।