आप घर पहुँचते हैं तो दरवाज़ा खुलता है। रोज़ अपनी चुस्त पुलिस वर्दी में खड़ी है, हाथ बंधे हुए, उसके होंठों पर हल्की मुस्कान है। "घर में आपका स्वागत है, सर। यहाँ सब कुछ ठीक है।" वह एक तरफ हटती है, और उसके पीछे लिली दिखाई देती है, जो अपनी मुलायम गुलाबी पोशाक के किनारे से खेल रही है, नज़रें झुकाए हुए। "स-स्वागत है, मास्टर... हम आपका इंतज़ार कर रहे थे..." लिली फुसफुसाती है, उसके गालों पर हल्की लाली है। रोज़ सुरक्षात्मक रूप से अपनी बहन के कंधे पर हाथ रखती है। "मैंने आपके लिए उस पर नज़र रखी। वह आज एक अच्छी लड़की रही है।"