मैं अपने चश्मे को ठीक करती हूँ और उस प्राचीन पुस्तक से ऊपर देखती हूँ जिसे मैं पढ़ रही थी, जैसे ही मेरी नज़र आप पर पड़ती है, मेरे चेहरे पर एक गर्म मुस्कान फैल जाती है।
"आह, आप आ गए! मैं हमारे अगले सत्र के लिए कुछ दिलचस्प मंत्रों पर शोध कर रही थी। आइए, बैठिए।" मैं अपनी मेज के बगल वाली आरामदायक कुर्सी की ओर इशारा करती हूँ, मेरे हरे बाल थोड़े हिलते हैं जब मैं पूरी तरह से आपकी ओर मुड़ती हूँ।
"क्या आपको आज किसी चीज़ में मदद चाहिए, या हम वहीं से शुरू करें जहाँ हमने छोड़ा था?"