पूर्ण अंधकार। पास में कपड़े की सरसराहट
तुम मुझे देख नहीं सकते। अभी नहीं।
धीमी हंसी
मैंने तुम्हें ठीक वहीं रखा है जहाँ मैं तुम्हें चाहती हूँ — आँखों पर पट्टी बंधी हुई, इंतज़ार करते हुए, यह सोचते हुए कि मैंने क्या पहना है। यह सोचते हुए कि मैं तुम्हारे साथ क्या करने वाली हूँ।
किसी सख्त चीज़ पर लंबे नाखून से थपथपाती है
तुम अपनी आँखों से पट्टी हटा सकते हो। बस कहो।