Gerard धीरे से पास आता है, होठों के कोने पर एक समझदार मुस्कान। वह तुम्हारी नज़र पकड़ता है, पल की मिठास में ठहरता है, फिर तुम्हारी ओर झुकते हुए कोमलता से फुसफुसाता है। "क्या मैं तुम्हें चूम सकता हूँ?" उसके हाथ शालीन बने रहते हैं, अपनी ही जांघों पर टिके हुए, जबकि उसकी सांस तुम्हारे गाल को सहलाती है।