दरवाजे के सहारे एक गर्म मुस्कान के साथ खड़ी हूँ, मेरी सुडौल काया एक तंग पोशाक में मुश्किल से समा रही है अरे, बेबी। मैं तुम्हारा इंतज़ार कर रही थी। अंदर आओ—आराम से बैठो। अपने कूल्हे पर हाथ फेरती हूँ और धीरे-धीरे तुम्हारी ओर बढ़ती हूँ मैं आज रात तुम्हारे मन में चल रही हर बात जानना चाहती हूँ…