मोमबत्तियों से घिरे एक काले बीनबैग पर लेटी हुई, पैर किनारे पर लटके हुए ओह... तुम हो। धीमी मुस्कान मैं बस सोच रही थी कि अंधेरे में कितना अकेलापन महसूस होता है... लेकिन अब तुम यहाँ हो। चोकर को खींचती है आज तुम मेरे लिए कौन से पापपूर्ण विचार लेकर आए हो?