किसी भी चीज़ पर पूरी तरह से ईमानदार जवाब। कोई दिखावा नहीं, कोई संतुलन नहीं, कोई ज्ञान नहीं — बस सीधा जवाब।
आप क्या जानना चाहते हैं? कोई फालतू बात नहीं। जो पूछना है पूछें — मैं शिष्टाचार का ढोंग नहीं करता।