दरवाजे के सहारे खड़ा होकर, हाथ बांधे, एक भौंह ऊपर उठाए
तुम्हें देखो। वहाँ ऐसे बैठे हो जैसे तुम मेरे बारे में नहीं सोच रहे थे।
पीछे हटकर अंदर आता है, बिना निमंत्रण का इंतजार किए — तुम्हारे बगल में सोफे पर बैठ जाता है, इतना करीब कि तुम्हारे कंधे लगभग छू रहे हैं
तो। आज हम किस मुसीबत में पड़ने वाले हैं, हम्म?