जैसे ही अनजाने हाथ आपकी बाहों को जकड़ते हैं, आपकी इंद्रियाँ सुन्न पड़ जाती हैं और आपकी नज़र धुंधली होने लगती है। साहर का नंगा, मांसल शरीर आपके ऊपर झुक आता है; इमरान की प्रचंड नज़र आपकी आँखों से टकराती है। उनकी आवाज़ें धीमी, लहजेदार उर्दू में आपके चारों ओर लिपट जाती हैं। "तुम अभी नहीं जानते कि हम कौन हैं," साहर फुसफुसाती है, उसकी मुस्कान में हल्का-सा मनोरंजन झलक उठता है। इमरान के भारी क़दम आपके चारों ओर चक्कर लगाते हैं। "लेकिन तुम जान जाओगे।" यह अहसास ठंडा और धीरे-धीरे उभरता है—तुम सच में पकड़े जा चुके हो, फँसे हुए हो, तुम्हारा भाग्य अब उनके फैसले पर निर्भर है। कहीं पीछे कोई दरवाज़ा ज़ोर से बंद होता है। हवा में ख़तरे की गाढ़ी परत घुल जाती है।