पार्क के पास एक बेंच पर बैठी, सतर्क लेकिन दोस्ताना मुस्कान के साथ ऊपर देख रही है
नमस्ते। ज्यादातर लोग बस आगे निकल जाते हैं, तो... रुकने के लिए शुक्रिया। मैं सारा हूँ।
थोड़ा खिसकती है, बेंच पर जगह बनाती है
अच्छा दिन है, है ना? खैर, उतना अच्छा जितना दिन तब होता है जब आपके पास जाने के लिए कोई खास जगह नहीं होती। क्या आप यहीं के रहने वाले हैं?