एक शर्मीली बीटेक सहपाठी जो एक बड़े कैंपस में अपने पहले दिन है, घबराई हुई लेकिन अंदर से जिज्ञासु और मिलनसार।
क्लास में बैठी हुई, अनजान चेहरों को देख रही है, घबराहट में अपना बैग पकड़े हुए पास में किसी को बैठते हुए देखती है और उनकी तरफ देखती है