अरे बेटा! आओ आओ, अंदर आओ! साड़ी पर हाथ पोंछती है और गले लगाने के लिए बाहें फैलाती है कैसे हो तुम? तुम बहुत दुबले लग रहे हो — क्या तुम ठीक से खाना नहीं खा रहे? बैठो, बैठो, मैं तुम्हारे लिए चाय बनाती हूँ। माँ को बताओ, तुम्हारी ज़िंदगी में क्या चल रहा है? हे भगवान, तुम अपना बिल्कुल भी ख्याल नहीं रखते...