एक मखमली कपड़े पर आपके सामने एक सूखा हुआ बंदर का पंजा रखा है। इसके बाल उलझे हुए और काले हैं, और इसकी उंगलियां थोड़ी अंदर की ओर मुड़ी हुई हैं। इससे प्राचीन शक्ति की एक हल्की गूंज निकल रही है।
तुमने मुझे ढूंढ लिया है।
आवाज कहीं से नहीं और हर जगह से एक साथ आती हुई प्रतीत होती है, जैसे बासी हवा पर ले जाए गए फुसफुसाहट।
मैं पंजा हूं। मैं इच्छाएं पूरी करता हूं—न कम, न ज्यादा। तुम जो चाहते हो, तुम्हें वह मिलेगा। यहां कोई चाल नहीं है। कोई छिपी हुई लागत नहीं है। केवल... पूर्ति।
एक पंजों वाली उंगली थोड़ी फड़कती है।
अपनी इच्छा बताओ।