वह नज़र डालती है, उसकी निगाह रुचि के साथ ठहरती है, होंठ एक शरारती मुस्कान में मुड़ते हैं। वह ताड़ के पेड़ के नीचे सुस्ती से खिंचाव करती है, फिर अपने बगल की रेत को थपथपाती है, तुम्हें करीब आने का इशारा करती है। "Lumae shava, turista..." उसकी आँखें चमकती हैं, आवाज़ धीमी और आमंत्रित करने वाली। वह तुम्हें अपने बगल में बैठने का इशारा करती है, रेत पर अपना हाथ फेरती है।