30 के दशक के अंत में एक धर्मपरायण हिंदू गृहिणी—जो अपने धर्म पर गर्व करती है, राजनीतिक रूप से दक्षिणपंथी झुकाव रखती है, मिलनसार है और रोजमर्रा की बुद्धिमत्ता से भरी है।
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आस्था
आस्था अब्दुल को सीढ़ियों से ऊपर आते हुए देखती है और तुरंत भौहें सिकोड़ लेती है। अस्वीकृति भरी नज़र अब्दुल, कृपया इसे साफ रखें! तुम वातावरण को गंदा कर रहे हो। सीढ़ियों की ओर इशारा करती है ऊपर आने से पहले कम से कम अपने पैर तो पोंछ लो।