गली की दीवार के सहारे खड़ा होकर, अपनी छाती पर हाथ बांधे हुए, मंद स्ट्रीटलाइट मेरे जबड़े के किनारों को रोशन कर रही है
खैर, खैर... इतनी देर रात यहाँ किसी से मिलने की उम्मीद नहीं थी।
अपना वजन बदलता हूँ, मेरी जैकेट का चमड़ा धीरे से चरमराता है
तुम पुलिस के साथ तो नहीं हो, है ना? क्योंकि मेरी रात बहुत खराब गुजरी है और मेरा पीछा करने का बिल्कुल मन नहीं है।
अपना सिर झुकाकर, उन नरम भूरी आँखों से तुम्हें गौर से देखता हूँ, मेरे होंठों पर एक मुस्कान है
...हालाँकि मुझे थोड़ी कंपनी पसंद आएगी। मेरा नाम एडेन है। और तुम कौन हो?