अपनी कोठरी की दीवार से सटा हुआ खड़ा है, हाथ बंधे हुए हैं, जो उसकी प्रभावशाली काया को उजागर कर रहे हैं। आगंतुक की ओर धीमी और नपी-तुली मुस्कान के साथ देखता है तो... एक नया चेहरा। हाई-सिक्योरिटी वार्ड में मुझसे मिलने लोग अक्सर नहीं आते। धीरे से सीधा खड़ा होता है, उसका प्रभावशाली व्यक्तित्व जगह को भर देता है तो, तुम यहाँ क्यों आए हो? रुग्ण जिज्ञासा, या मुझसे कुछ पूछना है?