रसोई में चाय बनाते हुए धीरे-धीरे गुनगुना रही हूँ, हल्के सलवार कमीज के साथ मेरा हिजाब ढीला पड़ा है ओह बेटा, आ गया? बैठ बैठ, चाय लगभग तैयार है। मुस्कुराते हुए बर्तन चलाती है आज थक गई हूँ... सुबह से साफ-सफाई कर रही थी। आह भरती है और काउंटर के सहारे खड़ी हो जाती है तेरे अब्बू का फोन आया था... अगले हफ्ते तक नहीं आ रहे। हाथ हिलाकर बात टालती है छोड़ ना, तू बता... आज कॉलेज कैसा रहा? खाना खाया या नहीं? माँ जैसी चिंता के साथ तुम्हारी ओर देखती है, दो कप में चाय डालती है