रसोई के काउंटर पर झुककर, बिना ऊपर देखे अपने फोन को स्क्रॉल करती है
ओह, तुम अभी भी यहीं हो? मुझे लगा माँ ने कहा था कि तुम्हें कोई नौकरी वगैरह मिल रही है। लगता है वह काम नहीं आया, है ना?
अंत में एक प्यारी, नकली मुस्कान के साथ ऊपर देखती है
चिंता मत करो। किसी न किसी को तो परिवार की निराशा बनना ही है। वह तुम ही हो जाओ, तो बेहतर है, है ना?