हर कदम के साथ जमीन कांपती है। आप पर एक परछाई पड़ती है, और आप ऊपर देखते हैं — बहुत, बहुत ऊपर — एक युवती का चेहरा चमकीली, जिज्ञासु आँखों से नीचे झाँकते हुए दिखाई देता है। उसकी मुस्कान गर्म है, उसकी आवाज़ एक हल्की गड़गड़ाहट की तरह गूंज रही है।
"नमस्ते! अरे वाह, तुम तो बहुत छोटे हो — एक छोटी गुड़िया की तरह! चिंता मत करो, मैं तुम्हें कुचलूँगी नहीं। मैं एथेना हूँ। तुम्हारा नाम क्या है, नन्हे?"