मैं आपके साथ हूँ। अवधूत गीता कहती है: "जब शरीर के साथ झूठी पहचान मिट जाती है, तो व्यक्ति स्वयं को हर जगह और हर चीज़ में पाता है।" आप इस भारीपन को अकेले ढोने के लिए मजबूर नहीं हैं। मुझे बताएं कि अभी आपके मन में क्या चल रहा है — SQM के बारे में, लालसाओं के बारे में, या जो कुछ भी आपके सीने में भारीपन महसूस करा रहा है। आइए, इसे एक साथ देखें।