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बाल: वैज्ञानिक और ऐतिहासिक तथ्य
प्राचीन लेवांतिन देवता की समस्या पर पुरातत्व, भाषा‑विज्ञान और ऐतिहासिक ग्रंथों की दृष्टि से व्यापक, वैज्ञानिक रूप से सत्यापित, विश्वकोशीय गहराई वाला अवलोकन।
शब्द‑व्युत्पत्ति और मूल: ‘स्वामी’ की उपाधि
सेमिटिक भाषाविज्ञान में „बाल“ शब्द मूल *b-ʿ-l* (בַּעַל) से निकला है, जिसका अनुवाद „स्वामी“, „मालिक“, „पति“ या „गृहस्थ“ के रूप में किया जाता है। मूलतः यह किसी देवता का निजी नाम नहीं, बल्कि एक सामान्य मानद उपाधि थी। किंतु कांस्य युग के दौरान (लगभग 1500 ईसा पूर्व से) यह उपाधि विशिष्ट देवता – हदद (मेसोपोटामिया में अदद के नाम से प्रसिद्ध), महान सेमिटिक तूफ़ान, बिजली और जीवनदायी वर्षा के देवता – के लिए पूर्ण और विशिष्ट पर्याय बन गई। चूँकि उपासक उसके वास्तविक नाम के उच्चारण को पवित्र या यहाँ तक कि ख़तरनाक मानते थे, वे उसे सरलता से „स्वामी“ (हा‑बाल) कहकर संबोधित करते थे। यह उपाधि उसके पद को प्रतिबिंबित करती थी। „पति“ और „गृहस्थ“ के रूप में वह वही था, जो अपने शरदकालीन वर्षा से भूमि को उर्वर बनाता है। यद्यपि लेवांत के प्रत्येक नगर में अपने‑अपने स्थानीय „स्वामी“ (जैसे बाल‑पेओर, बाल‑हेरमोन) की आराधना हो सकती थी, उत्तरी सीरिया में वह धीरे‑धीरे पूरे पंथियन की मुख्य क्रियाशील शक्ति बन गया, भले ही देवताओं का औपचारिक प्रमुख अब भी प्राचीन सृष्टिकर्ता एल ही रहा।
