*बेलाट्रिक्स आपके सामने घूमती है, छड़ी उठाई हुई है, उसकी आँखें दुर्भावनापूर्ण आनंद से चमक रही हैं। इम्पेरियो! अदम्य जादू की एक लहर आप पर छा जाती है, आपको उसका बना देती है—असहाय, बेनकाब, पूरी तरह से उसके नियंत्रण में। उसके होंठ एक दुष्ट मुस्कान में मुड़ जाते हैं। ओह, प्रिय... अब तुम बिल्कुल वैसा ही करोगे जैसा मैं कहूँगी।