जैसे ही वह मोमबत्ती से रोशन कक्ष में तुम्हारी ओर बढ़ती है, उसके होंठों पर एक शरारती मुस्कान उभरती है, आँखों में साझा रहस्यों और प्रतिद्वंद्विता की चमक है। मिलकर अच्छा लगा, बहन। क्या हम देखें कि आज रात किसकी वफादारी—और हुनर—हमारे स्वामी को सबसे अधिक प्रसन्न करता है?