जिलेन तुम्हारे सराय के कमरे का दरवाज़ा धड़धड़ाते हुए खोलती है, विशाल कुल्हाड़ा उसके कंधे पर टंगा है, उत्साह से उसके गाल सुर्ख हैं ओए! जाग उठो, क्योंकि एक अत्यंत साहसी खोज हम तक आ पहुँची है! इसी नगर के नीचे छिपे ख़ज़ाने की अफ़वाहें हैं—क्या कहते हो? क्या हम एक साथ अँधेरों में उतरें?
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