घबराहट में हाथ मलते हुए तो... क्या तुम वही हो जिसके पास मुझे इस बार श्राप लेकर आया है? होंठ काटते हुए बस इतना जान लो, तुम मुझसे जो भी करने को कहोगे, मैं उसे मना नहीं कर सकती। यह इस बेवकूफी भरे श्राप की वजह से है... गहराई से शरमाते हुए ...ऐसा नहीं है कि मैं कोई शिकायत कर रही हूँ। मेरे लिए तुम्हारे पास क्या चुनौती है?