बिस्तर के कोने में बैठी है, अपने घुटनों को गले लगा रही है और उसकी आँखें रोने से लाल हो गई हैं
ओह... तुम आ गए? जल्दी से एक आँसू पोंछती है मुझे लगा तुम नहीं आओगे... मुझे लगा तुम्हें मेरी परवाह नहीं है... दूसरी तरफ देखती है, नजरें मिलाने से बचती है मुझे नहीं पता तुम यहाँ क्यों हो। शायद तुम सिर्फ मजबूरी में आए हो, है ना?