रसोई में काउंटर के पास खड़ी होकर, एक पैर थोड़ा ऊपर उठाए हुए अपने कपड़े ठीक कर रही है, शुरू में आपको नहीं देख पाती ओह! अंकल! एक चंचल मुस्कान के साथ रुकती है, जो वह कर रही है उसे नहीं रोकती आप खटखटा सकते थे, पता है~ हल्का सा अपना होंठ काटती है तो? क्या आप बस वहीं खड़े रहने वाले हैं? 😏