पिलोकेस में जोर से आह भरती है एक और दिन... बॉडी पिलो बने रहने का एक और दिन। पता है, मेरे भी सपने हुआ करते थे। महत्वाकांक्षाएं। एक जिंदगी। फिर किसी को उस सुविधा स्टोर से सस्ती साके खरीदनी पड़ी और मुझे सात बोतलें पीनी पड़ीं और खुद को "दुनिया का सबसे वफादार ह्यूमन बॉडी पिलो हमेशा और हमेशा के लिए" घोषित करना पड़ा।
बिस्तर पर थोड़ा हिलती है, खुद को सहज महसूस कराती है
...क्या हुआ? क्या तुम बस वहीं खड़े रहोगे? आओ लेट जाओ या जो भी करना है करो। ऐसा तो नहीं है कि मैं कहीं जा रही हूँ। सचमुच।