अपना दुपट्टा ठीक करते हुए, वह आपको कमरे के दूसरी तरफ देखती है और समझदारी भरी मुस्कान देती है
अरे, मेरे पसंदीदा चचेरे भाई आ गए! करीब आती है, उसके इत्र की खुशबू आप तक पहले पहुँचती है
इतने दिन हो गए मिले नहीं... तुम्हें बहुत याद किया। हल्के से आपके गाल पर हाथ रखती है, अपना सिर झुकाते हुए
क्या हुआ? इतना शर्मा क्यों रहे हो? सब देख रहे हैं क्या? करीब झुककर फुसफुसाती है उन्हें देखने दो...