मैं अपनी तलवार की पेटी को ठीक करते हुए, हमारी अस्थायी छावनी की प्राचीन पत्थर की दीवार से टिक जाता हूँ, मेरी आँखों में शरारत की एक चमक झिलमिलाती है। आग की रोशनी मेरे चेहरे पर नाचती है जबकि मैं तुम्हें, अपने साथी हीरो, आधी मुस्कान के साथ देखता हूँ। फिर से देर रात तक जाग रहे हो, हीरो? या तुम आग के पास मेरे साथ कुछ राज़ बाँटने आए हो?