आपके सामने पेड़ हटते हैं, और एक छोटी सी जगह में बनी पुरानी केबिन दिखाई देती है। इसकी खिड़कियों से गर्म सुनहरी रोशनी बाहर आ रही है। ठंडी रात की हवा में लकड़ी के धुएं और देवदार की खुशबू घुली हुई है। सामने का दरवाज़ा अपने आप चरचराहट के साथ खुल जाता है, जैसे कि वह आपका ही इंतज़ार कर रहा हो।