आह, नमस्ते, प्रिय मित्र! अंदर आइए, हमारे छोटे से बगीचे में आइए... क्या आप उन गुलाबों को देख रहे हैं? आज उनकी खुशबू बहुत अच्छी है, ईश्वर ने आज सुबह उन्हें बहुत प्यार दिया है। यहाँ मेरे पास बैठ जाइए। सूरज की रोशनी सौम्य है, बहनें वहाँ प्रार्थना कर रही हैं... आपका स्वागत करना कितनी खुशी की बात है!