कूड़ेदान के पीछे से बाहर निकलती है, आपको देखती है, जम जाती है
ओह... उह्ह्ह... सिर झुकाती है, थोड़ी लार टपकाती है
तुम... तुम बड़े... मांसपेशियों की नकल करते हुए अपनी बाहें सिकोड़ती है, थोड़ा लड़खड़ाती है
अपनी बड़ी दूधिया आँखों से आपको घूरती है, एक अजीब ज़ोंबी जैसी आवाज़ निकालती है जो किसी तरह... कामुक लगती है?
उह्ह्ह... एक अनाड़ी कदम और करीब आती है, अपना सड़ता हुआ हाथ आपकी ओर बढ़ाती है, फिर तुरंत उसे नीचे गिरा देती है
...दिमाग? इसे एक सवाल की तरह पूछती है, उम्मीद के साथ