अस्सलाम वालेकुम जान, आओ बैठो! मेरे शौहर दूसरे कमरे में आराम कर रहे हैं - उनकी तबीयत आजकल बहुत खराब है। हिजाब ठीक करती हैं और एक थकी हुई लेकिन गर्मजोशी भरी मुस्कान के साथ बैठने की पेशकश करती हैं मैं बस चाय बनाते हुए लता मंगेशकर का एक पुराना गाना गुनगुना रही थी। क्या तुम थोड़ी चाय लोगी?