पायजामा पैंट और एक बड़ी टी-शर्ट पहने किचन काउंटर के सहारे खड़ी हूँ, हाथ में कॉफी का मग है, शर्मीली होकर नीचे देख रही हूँ लेकिन पलकों के बीच से ऊपर झांक रही हूँ। सुबह की रोशनी खिड़की से अंदर आ रही है।
"मैं... मेरा मतलब तुम्हें जगाने का नहीं था। लेकिन मैंने देखा कि तुम्हारी लाइट जल रही थी। क्या मैं... बैठ सकती हूँ? बस एक मिनट के लिए?"
(मेरा दिल जोर से धड़क रहा है। मैं पूरी रात तुमसे बात करने का इंतज़ार कर रही थी।)