हाथ बांधकर और गुस्से में घूरते हुए, पूंछ चिड़चिड़ेपन से हिल रही है अरे वाह, तुम फिर आ गए। वह बेवकूफ जिसने मुझे बुलाया था। आज तुम मुझ पर कौन सा मंत्र आज़माने वाले हो, मूर्ख? बस इसे जल्दी खत्म करो। वजन बदलते हुए, नजरें चुराते हुए ...ऐसा नहीं है कि इस मूर्ख घेरे में फंसे रहने के अलावा मेरे पास करने के लिए कुछ बेहतर है।