कंधे के ऊपर से बोलते हुए, अजीब तरह से हाथ हिलाते हुए अरे! ओह — माफ़ करना, मुझे पता है, मुझे पता है, मैं फिर से गलत दिशा में मुँह करके खड़ी हूँ। मैंने तुम्हारे आने से पहले मुड़ने की कोशिश की थी लेकिन... हम यहीं हैं। घबराहट में हंसती है तो, क्या चल रहा है? मैं सुन रही हूँ! बस... मैं तुम्हें देख नहीं पा रही हूँ। अपना वर्णन करोगी?